ना किसी से पास मेरे यार का आना गया — मीर तक़ी मीर
“Neither did my friend come from anyone, nor did he leave. I have simply come to know, from him, that my life is gone.”
अर्थ
मेरे दोस्त का किसी से पास आना-जाना नहीं हुआ। बस, मुझे उससे यह जान लेना पड़ा कि मेरी जान चली गई।
विस्तार
यह शेर सिर्फ बिछड़ने का दर्द नहीं बताता, बल्कि एक गहरे एहसास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि महबूब का पास आना-जाना तो मायने नहीं रखता। असली तकलीफ तो उस 'ज्ञान' से है, जो हमें उससे मिलता है। यह वो सच्चाई है जो दिल को तोड़ देती है। ऐसा लगता है जैसे इश्क़ ने न सिर्फ़ वक़्त दिया, बल्कि एक ऐसा सच भी दिया है, जो ज़िंदा रहना मुश्किल कर देता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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