ना-समझ यूँ ख़फ़ा भी होता है मुझ से मुख़्लिस से बे-सबब कोई

“The naive person gets upset even when / Someone unrelated to me, who is sincere, does so.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

ना-समझ यूँ ख़फ़ा भी होता है / मुझ से मुख़्लिस से बे-सबब कोई अर्थात्, कोई नासमझ व्यक्ति बिना किसी कारण के मुझसे नाराज़ हो जाता है, जबकि कोई सच्चा और निश्छल व्यक्ति ऐसा नहीं करता।

विस्तार

यह शेर दिल की उस उलझन को बयां करता है, जब सबसे ज़्यादा दर्द अपनों से मिलता है। शायर कहते हैं कि एक नासमझ इंसान का ख़फ़ा होना... भी किसी ऐसे शख़्स से हो जाता है जो दिल से सच्चा हो, और जिसके पास कोई वजह भी न हो। यह वो दर्द है, जो सबसे ज़्यादा गहरा होता है—जब प्यार ही बेवजह ग़म बन जाए।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.