'मीर' बंदों से काम कब निकला — मीर तक़ी मीर

'मीर' बंदों से काम कब निकला माँगना है जो कुछ ख़ुदा से माँग

“When the poets (or artists) fail to deliver, seek what you need from God.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

जब शायरों (या कलाकारों) से काम नहीं निकलता, तो जो कुछ भी माँगना है, वह ख़ुदा से माँगना चाहिए।

विस्तार

यह शेर एक गहरा फ़लसफ़ा है। शायर यहाँ पूछ रहे हैं कि क्या कलाकारों, शायरों... यानी इंसानी कोशिशों का कोई अंत नहीं है? वह कहते हैं कि अगर आपको कुछ भी चाहिए, चाहे वो कामयाबी हो, या सुकून... तो किसी इंसान पर निर्भर मत रहो। अपनी सारी माँग, अपनी पूरी तवक्कुल, बस ख़ुदा से करो। यह वक़्त की सबसे बड़ी सच्चाई है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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