दस्त-ओ-पा मारे वक़्त-ए-बिस्मिल तक — मीर तक़ी मीर
“The hand did not reach the time of the auspicious sign, Nor did it reach the foot of the killer.”
अर्थ
दस्त-ओ-पा का मतलब है हाथ और पैर। शायर कह रहा है कि हाथ किसी शुभ संकेत के समय तक नहीं पहुँचा, न ही वह हत्यारे के पैर तक पहुँचा।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शारीरिक चोट की बात नहीं करता, बल्कि उस रूहानी डर की बात करता है! शायर कहते हैं कि वार तब तक लगे, लेकिन असली खौफ़ तो उस मुकाम पर है जब हम क़ातिल के क़दमों तक भी नहीं पहुँच पाते। यह हार की पराकाष्ठा है—वो वक़्त जब बचने का कोई रास्ता नहीं बचता। यह इल्ज़ाम नहीं, ये दिल का दर्द है।
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