“'Abas, the heartache of the heart was inflicted by the companion; / The pain of poetry has made all of us weep.”
तकलीफ़ दर्द-ए-दिल की 'अबस हम-नशीं ने की, दर्द-ए-सुख़न ने मेरे सभों को रुला दिया। इसका शाब्दिक अर्थ है कि दिल का दर्द हमनशीं (साथी) ने दिया, और शायरी (कविता) के दर्द ने हम सबको रुला दिया।
इस शेर में मिर्ज़ा तक़ी मीर ने दर्द की गहराई को बयान किया है। शायर कहते हैं कि दिल का दर्द, जो किसी न किसी के व्यवहार से होता है, वह तो बहुत बड़ा होता है। लेकिन एक बात है... जो दर्द शब्दों में बयां हो जाता है, जो शायरी का हिस्सा बन जाता है, वह तो हर किसी को रुला देता है! यह दर्द इतना सार्वभौमिक है कि यह हर इंसान के दिल को छू जाता है।
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