हम सर-कशी से मुद्दतों मस्जिद से बच बच कर चले अब सज्दे ही में गुज़रे है क़द जो हुआ मेहराब सा

“Having wandered far from the mosque, from the struggle for the head, My stature has become like an arch, having passed through prostration.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

हम सर-कशी से मुद्दतों मस्जिद से बच-बच कर चले, अब सज्दे ही में गुज़रे है क़द जो हुआ मेहराब सा। (अर्थात, मैं बहुत समय तक सिर-कशी और मस्जिद से दूर भटकता रहा, लेकिन अब मेरा क़द (कद) सज्दे में गुज़रने से मेहराब जैसा हो गया है।)

विस्तार

यह शेर एक गहरे आध्यात्मिक सफ़र और बदलाव के एहसास को बयान करता है। शायर कहते हैं कि पहले वह बड़ी-बड़ी गलियों और मस्जिद से बचते-बचते गुज़रे थे। लेकिन अब, उनकी क़द (कद) उस सज्दे की जगह से गुज़रती है, जो एक मेहराब जैसा है। यह एहसास कराता है कि आस्था के सबसे निजी और विनम्र पल ही सबसे ज़्यादा बदलाव और समर्पण का अनुभव कराते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.