इस कारवाँ-सरा में क्या 'मीर' बार खोलें
याँ कूच लग रहा है शाम-ओ-सहर हमारा
“In this caravan-like state, what 'Meer' shall we open the door to? Our journey feels like the expanse of evening and dawn.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस कारवाँ-सरा में क्या 'मीर' बार खोलें, या कूच लग रहा है शाम-ओ-सहर हमारा। इसका अर्थ है कि इस भीड़-भाड़ वाली जगह पर 'मीर' (एक शायर) का बार खोलना क्या है, क्योंकि हमारा तो सफर शाम और सुबह के विस्तार जैसा लग रहा है।
विस्तार
यह शेर जीवन की भाग-दौड़ और निरंतरता को बयां करता है। शायर कहते हैं कि ज़िंदगी का सफ़र किसी एक जगह पर रुकने वाला नहीं है। यह कारवाँ-सरा तो बस एक ठहराव है, लेकिन उनका असली सफ़र तो शाम से लेकर सुबह तक चल रहा है। उन्हें लगता है कि रुकना या ठहर जाना, इस ज़िंदगी की रफ़्तार के सामने बेमानी है!
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