कहियेगा उस से क़िस्सा-ए-मजनूँ
या'नी पर्दे में ग़म सुनाइएगा
“Tell me the tale of Majnun from him, Or narrate the sorrow hidden behind the curtain.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उससे मजनू की कहानी कहिए, यानी पर्दे के पीछे का दुःख सुनाइए।
विस्तार
यह शेर ग़म के दो पहलू दिखा रहा है। एक तरफ़ मजनूँ का क़िस्सा है—एक बड़ी, सार्वजनिक त्रासदी। लेकिन शायर कहते हैं कि बस कहानी सुना देना काफ़ी नहीं है। असली दर्द... वो दर्द जो पर्दे के पीछे छिपा होता है, वो ग़म जो किसी को दिखाई नहीं देता... वही तो दिल को छूता है। यह शायरी हमें सिखाती है कि सबसे गहरा दुख हमेशा आँखों में नहीं, बल्कि रूह में होता है।
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