सब से मिल चल कि हादसे से फिर
कहीं ढूँडा भी तो न पाइएगा
“From everyone, or from an accident, again, Even if you search, you will not find it.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हर किसी से या किसी हादसे से, फिर कहीं भी ढूँढा तो नहीं मिलेगा।
विस्तार
यह शेर बहुत ही गहरा दर्द बयां करता है। शायर कहते हैं कि जीवन में जो रिश्ते हैं, जो मुलाक़ातें हैं, ये सब बहुत क्षणभंगुर हैं। आप इन्हें पकड़ने की बहुत कोशिश कर सकते हैं, इन्हें ढूंढ भी सकते हैं, लेकिन जब ये वक़्त से गुज़र जाते हैं, तो वापस कभी नहीं मिल सकते। यह विरह और स्वीकारोक्ति का भाव है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
