शायद कसो के दिल को लगी उस गली में चोट
मेरी बग़ल में शीशा-ए-दिल चूर हो गया
“Perhaps the heart was wounded in that alleyway, My heart's mirror shattered beside me.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायद किसी के दिल को लगी उस गली में चोट, मेरे पास दिल का शीशा चूर हो गया।
विस्तार
यह शेर दिल की नाज़ुकियत को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि शायद महबूब के दिल को कहीं बाहर की किसी बात से चोट लगी होगी। लेकिन जो बात उन्हें सबसे ज़्यादा तोड़ती है, वो तो मेरे नज़दीक ही होती है। मेरे सामने, मेरे वजूद के साए में... दिल का शीशा चूर हो जाता है। यह एहसास कितना दर्दनाक होता है!
