तू बरसों में मिले है याँ फ़िक्र ये रहे है — मीर तक़ी मीर

तू बरसों में मिले है याँ फ़िक्र ये रहे है जी जाएगा हमारा इक-दम को या रहेगा

“Did you meet me after years, or has this thought remained?”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

तू बरसों में मिला है या ये फ़िक्र है रे, कि जी जाएगा हमारा इकदम को या रहेगा।

विस्तार

इस शेर में शायर ने समय और जीवन की अनिश्चितता को बहुत खूबसूरती से पिरोया है। वह पूछ रहे हैं कि क्या यह दूरी बरसों की है, या बस दिल में एक बेचैनी बनकर रह गई है। यह सवाल सिर्फ़ मिलन का नहीं, बल्कि वजूद का है—कि क्या हमारा जीवन बस एक पल के लिए है, या यह हमेशा चलता रहेगा? यह शेर हमें ज़िंदगी की नाजुकता का एहसास कराता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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