ख़्वाब-ए-ग़फ़लत में हैं याँ सब तो अबस जागा 'मीर' — मीर तक़ी मीर
ख़्वाब-ए-ग़फ़लत में हैं याँ सब तो अबस जागा 'मीर'
बे-ख़बर देखा उन्हें मैं जिन्हें आगाह सुना
“Are all of you in a sleep of heedlessness, O Mir? I saw them unaware, whom I had warned.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्या सब ग़फ़लत के ख़्वाब में हैं, ऐ मीर? मैंने उन्हें बेख़बर देखा, जिन्हें मैंने आगाह किया था।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरी तन्हाई और बेरुख़ी का एहसास कराता है। शायर कहते हैं कि दुनिया के सब लोग.... एक नींद में हैं, एक ग़फ़लत की नींद में। और मैं.... अकेला जाग रहा हूँ! उन्होंने उन्हें आगाह किया था, उन्हें चेताया था.... लेकिन वो लोग बेख़बर ही रहे। यह अहसास बहुत दर्दनाक होता है कि सच बोलना कितना मुश्किल होता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
← Prev4 / 4
