इस कोहना-ख़राबे में आबादी न कर मुनइ'म
यक शहर नहीं याँ जो सहरा न हुआ होगा
“In this desolation and ruin, do not establish a settlement, O Munim; There is no city here that has not become a desert.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस जीर्ण-शीर्ण और खंडहर में बसने की कोशिश मत करो, हे मुनइम; ऐसा कोई शहर नहीं है जो रेगिस्तान न बन चुका हो।
विस्तार
ये शेर महबूब को एक गहरी चेतावनी देता है.... कि वह इस टूटी-फूटी जगह पर अपना ठिकाना न बनाए। शायर कहते हैं कि यह जगह इतनी वीरान है, कि आस-पास कोई भी शहर ऐसा नहीं बचा होगा जो रेगिस्तान के साये से अछूता हो। ये सिर्फ़ एक जगह की बात नहीं है, बल्कि ज़िंदगी की नश्वरता पर एक गहरा तंज़ है।
