यही ज़ुल्फ़ों की तिरी बात थी या काकुल की — मीर तक़ी मीर
“Was this the charm of your tresses, or the braid of your hair? / When Meer went out for a stroll, he was the lover, Sauda.”
अर्थ
क्या यह तुम्हारे ज़ुल्फ़ों का जादू था या तुम्हारे काकुल का? जब मीर सैर पर गए, तो वे सौदाई बन गए।
विस्तार
यह शेर महबूब के नशीले आकर्षण पर सवाल उठाता है। शायर पूछते हैं कि क्या आपकी अदाएं आपके ज़ुल्फ़ों की बातें हैं, या आपके बालों की महक (काकुल)? लेकिन दूसरी पंक्ति इसे और गहरा कर देती है। शायर कहते हैं कि जब उन्होंने सैर की, तो उन्हें एक और शायर, सौदाई, मिले। यह इश्क़ और शायरी की दोस्ती का एक खूबसूरत मेल है।
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