मसाइब और थे पर दिल का जाना — मीर तक़ी मीर
“There were troubles, but the heart has changed in a strange way, / It has become like a beautiful, delicate fragrance.”
अर्थ
मसाइब और थे पर दिल का जाना अजब इक सानेहा सा हो गया है। इसका शाब्दिक अर्थ है कि विपत्तियाँ तो थीं, लेकिन दिल का मिजाज एक अजीब और नाज़ुक सुगंध जैसा हो गया है।
विस्तार
इस शेर में शायर ने एक बहुत गहरा एहसास बयां किया है। वह कह रहे हैं कि जीवन में मुश्किलें (मुसाइब) तो आती-जाती रहती हैं, लेकिन दिल का खो जाना.... यह दर्द किसी भी बाहरी तकलीफ से कहीं ज़्यादा है। यह एक ऐसी उदासी है जो अंदर से आती है, एक ऐसा सानेहा जो दुनिया की किसी भी परेशानी से परे है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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