कीने की मेरे तुझ से न चाहेगा कोई दाद
मैं कह मरूँगा अपने हर इक मेहरबान से
“No one will desire me from you, no one will desire me from you, I will say that I will die to every benefactor of mine.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कोई भी मेरे तुझसे चाहत नहीं करेगा, मैं कहूँगा कि मैं अपने हर मेहरबान से मर जाऊँगा।
विस्तार
यह शेर एक अद्भुत आत्म-सम्मान और विरक्ति की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि उन्हें अब किसी के सहारे, किसी के एहसान की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने एक ऐसी जगह पा ली है जहाँ उनका आत्म-मूल्य किसी बाहरी रिश्ते पर निर्भर नहीं करता। यह घोषणा है कि उनका अस्तित्व अपनी सच्चाई में ही सम्पूर्ण है, और यह बात वे हर मेहरबान को बताना चाहते हैं।
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