हम ख़ामुशों का ज़िक्र था शब उस की बज़्म में निकला न हर्फ़-ए-ख़ैर किसू की ज़बान से

“In the gathering that night, the mention of the silent was made, Yet no word of goodness emerged from Kisoo's tongue.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

रात की महफ़िल में खामोश लोगों का ज़िक्र हुआ, पर किसी के मुँह से कोई अच्छी बात नहीं निकली।

विस्तार

यह शेर उस दर्द को बयां करता है जब आपको नोटिस तो किया जाता है, लेकिन सम्मान नहीं मिलता। शायर कहते हैं कि हम ख़ामोशों का ज़िक्र तो हुआ... यानी हमें देखा गया, पर क्या हुआ? कि किसी की ज़बान से हमारी तारीफ़ का एक शब्द भी नहीं निकला। यह उस अनदेखे दर्द की बात है, जब हमारी उपस्थिति का ज़िक्र तो हो जाता है, मगर हमारे वजूद को कोई पहचान नहीं पाता। एक बहुत ही गहरा और कड़वा एहसास है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.