बस हो तो इधर-ऊधर यूँ फिरने न दें तुझ को
नाचार तिरे हम ये देखें हैं चलन बैठे
“If you are ready, do not let me wander here and there, For we, your helpless ones, have observed your behavior.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यदि तुम तैयार हो, तो मुझे यहाँ-वहाँ यूँ भटकने मत दो, क्योंकि हम, तुम्हारे नादान लोग, तुम्हारा व्यवहार देख चुके हैं।
विस्तार
यह शेर एक आशिक़ के दिल की बात कहता है, जो अपने महबूब की बेवजह की बेचैनी से थक चुका है। शायर कह रहे हैं कि अब बस करो, यूँ इधर-ऊधर भटकना बंद करो। क्योंकि, महबूब! हमने तुम्हारा असली मिज़ाज, तुम्हारा सच्चा 'चलन'... वह तो हमें साफ दिख गया है। यह शेर, बेवफाई की नजाकत और इश्क़ की तन्हाई को बयान करता है।
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