पीरी में क्या जवानी के मौसम को रोइए — मीर तक़ी मीर

पीरी में क्या जवानी के मौसम को रोइए अब सुब्ह होने आई है इक दम तो सोइए

“Do not weep for the season of youth in your bed, For dawn is here, come, sleep now.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

बिस्तर पर जवानी के मौसम के लिए रो मत, अब सुबह होने आई है, तुम बस सो जाओ।

विस्तार

यह शेर हमें ज़िंदगी के सबसे गहरे सबक सिखाता है—कि ग़म और जवानी के मौसम दोनों ही गुज़र जाते हैं। शायर कहते हैं कि पुरानी यादों या गमों पर रोना छोड़ दो। क्योंकि देखो, सुबह होने आई है! यह सुबह बस एक नई शुरुआत का पैगाम लेकर आई है। हमें बस इस पल को जीना है और शिकायत करना छोड़ देना है। यह शेर उम्मीद और शांति का संदेश है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.