गिर्ये से दाग़-ए-सीना ताज़ा हुए हैं सारे — मीर तक़ी मीर
“The stains upon my chest have been refreshed by you, O eye of spring, for you have given this dry lot of life.”
अर्थ
तुम्हारी आँखों ने मेरे सीने के सारे दाग़ फिर से ताज़गी पा ली है, ऐ वसंत की आँख, क्योंकि तुमने जीवन का यह सूखा हिस्सा फिर से हरा कर दिया है।
विस्तार
यह शेर महबूब के नज़रों की ताकत को बयां करता है। शायर कहते हैं कि सीने पर जो ज़ख़्म थे, जो आँसुओं से फीके पड़ जाने चाहिए थे, वे फिर से ताज़े हो गए हैं। क्यों? क्योंकि ऐ महबूब, आपकी निगाहों ने इस सूखे, बंजर ज़मीन में फिर से हरियाली ला दी है। यह एक शिकायत है कि बस आपका देखना ही वक़्त-ब-वक्त पुराने ज़ख़्मों को कुरेद देता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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