“If I saw your beauty, O Meer, I would be captivated, For in this world, my gaze has found its destination.”
अगर मुझे तुम्हारा रूप दिखाई देता, ऐ मीर, तो मैं मोहित हो जाता, क्योंकि इस दुनिया में मेरी नज़र को अपना ठिकाना मिल गया है।
यह शेर दिल के सफर और मंज़िल की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि अगर उन्हें यह ख़ूबसूरती या नज़ाकत कहीं भी दिखाई देगी, तो उन्हें तुरंत एहसास होगा कि यह सिर्फ़ उनके महबूब की है। पूरी दुनिया में भटकने के बाद, उनकी नज़र आखिरकार इसी एक जगह ठहर गई है। यह इश्क़ की एक बहुत गहरी और मुकम्मल इक़रार है।
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