कब था ये शोर-ए-नौहा तिरा इश्क़ जब न था
दिल था हमारा आगे तू मातम-सरा न थी
“When was this noise of lamentation, your love, when it did not exist? Our heart was ahead, you were not a source of mourning.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह नौहा का शोर कब था, तेरा इश्क़ जब नहीं था। हमारा दिल आगे था, तू मातम का स्रोत नहीं थी।
विस्तार
यह शेर न सिर्फ़ इश्क़ की बात करता है, बल्कि उस ग़म की सच्चाई पर सवाल उठाता है। शायर पूछ रहे हैं कि यह विलाप का शोर कब शुरू हुआ, जब आपका इश्क़ तो कहीं था ही नहीं? वो कह रहे हैं कि जब हमारा दिल आप में लगा हुआ था, तो ग़म के लिए कोई जगह ही नहीं थी। यह एक गहरा तंज़ है.... उस दर्द पर जो ज़रूरत से ज़्यादा होता है।
