मिला है ख़ाक में किस किस तरह का 'आलम याँ
निकल के शहर से टक सैर कर मज़ारों का
“In what manner of 'world' has it been mixed with dust, O beloved, After wandering through the city and the graves?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
प्रियतम, शहर और मक़बरों में घूमकर, धूल में किस तरह का 'जगत' मिल गया है?
विस्तार
यह शेर ज़िंदगी की नश्वरता पर एक गहरा दार्शनिक विचार है। शायर पूछते हैं कि जब हम कब्रों में झाँकते हैं, तो हमें किस तरह का 'आलम' मिलता है? इसका जवाब हमें शहर में घूमकर, तमाम मक़बरों से गुज़रने पर मिलता है। यह एक सीधी-सादी, मगर बहुत गहरी बात है.... कि दौलत या शोहरत से कोई फर्क नहीं पड़ता, अंत तो सबको एक ही होना है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
