Sukhan AI
तुम्हें तो ज़ोहद-ओ-वरा पर बहुत है अपने ग़ुरूर
ख़ुदा है शैख़-जी हम भी गुनाहगारों का

You are full of pride concerning Zuhd and piety, God knows, Sheikh-ji, we too are sinners.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

तुम्हें तो ज़ोहद और वैराग्य पर बहुत घमंड है। भगवान जानता है, शेख जी, हम भी गुनाहगार हैं।

विस्तार

यह शेर बहुत गहरे अहसास को बयां करता है। शायर यहाँ उस शख़्स से बात कर रहे हैं, जिन्हें अपनी पाबंदी (ज़ोहद-ओ-वरा) पर बहुत घमंड है। लेकिन दूसरी लाइन में वो एक कड़वा सच सामने रख देते हैं—कि हम भी गुनाहगार हैं। मिर्ज़ा तक़ी मीर हमें याद दिलाते हैं कि कोई भी इंसान अपनी खामियों से ऊपर नहीं है। ये शेर सिर्फ़ एक तंज़ नहीं, बल्कि एक गहरा आईना है!

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पाठ
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