मैं कौन हूँ ऐ हम-नफ़साँ सोख़्ता-जाँ हूँ — मीर तक़ी मीर
“Who am I? I am a self-inflamed soul, A fire in my heart, a blaze that will unfold.”
अर्थ
मैं कौन हूँ ऐ हम-नफ़साँ सोख़्ता-जाँ हूँ। इक आग मिरे दिल में है जो शो'ला-फ़िशाँ हूँ। (अर्थात: मैं कौन हूँ? मैं एक स्वयं-ज्वलनशील आत्मा हूँ, मेरे दिल में एक ऐसी आग है जो दहकती रहेगी।)
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरा आत्म-संघर्ष है। शायर पूछ रहे हैं कि मैं कौन हूँ, और उसका जवाब है कि मैं अपने दिल में जलती एक आग हूँ। यह सिर्फ़ इश्क़ की बात नहीं है, बल्कि उस जुनून की बात है जो अंदर से हमें जलाता रहता है। यह उस बेचैनी और उस तीव्र भावना का इज़हार है, जो हमें कभी शांत नहीं होने देती।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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