Sukhan AI
ख़ार को जिन ने लड़ी मोती की कर दिखलाया
उस बयाबान में वो आबला-पा मैं ही हूँ

The one who showed the thread of pearls to the thorn bush, In that desolate land, I am the one who is lost.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

जिसने काँटों को मोती की माला से सजाया, उस वीराने में मैं ही खोया हुआ हूँ।

विस्तार

यह शेर आत्म-सम्मान की एक बहुत गहरी बात कहता है। शायर यहाँ दुनिया को 'काँटों' से, और अपनी कीमत को 'मोती' से तुलना कर रहे हैं। उनका कहना है कि चाहे माहौल कितना भी कठोर क्यों न हो, चाहे वह बयाबान (वीराना) ही क्यों न हो, लेकिन उनकी अपनी मौजूदगी ही सबसे कीमती और अनमोल चीज़ है। यह एक आत्मविश्वास से भरा इज़हार है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.