जीते हैं और रोते हैं लख़्त-ए-जिगर है 'मीर'
करते सुना है यूँ कोई क़ीमा जिगर कि हम
“We live and we weep, this is the grief of the heart, O Meer, I have heard someone speak of a heart so fragile, that we [are nothing]”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जीते हैं और रोते हैं, यह दिल का ग़म है, ऐ मीर। मैंने किसी को दिल के बारे में यूँ कहते सुना है कि हम।
विस्तार
यह शेर दिल के दर्द की गहराई को बयां करता है। शायर कहते हैं कि उनका जीना भी रोना है, यह दिल का ज़ख़्म है। और दूसरी पंक्ति सुनिए... जब शायर कहते हैं कि उन्होंने किसी को जिगर को क़ीमा करने की बात करते सुना है, तो इसका मतलब है कि उनका दर्द इतना गहरा है कि वह कल्पना को भी छू गया है। यह दर्द शारीरिक नहीं, रूहानी है!
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