है मेरी तिरी निस्बत रूह और जसद की सी
कब आप से मैं तुझ को ऐ जान जुदा जाना
“My relation to you is like the soul and the body; when will I be able to leave you, oh life?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा आप से रिश्ता रूह और जिस्म जैसा है; ऐ जान, मैं कब आपसे अलग हो पाऊँगा।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरी रूहानी मोहब्बत को बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि उनका आप से जुड़ाव सिर्फ दिल का नहीं, बल्कि रूह और जिस्म दोनों का है। मतलब, आप उनके इतने करीब हैं कि अलग होना नामुमकिन है। यह इश्क़ की वो हालत है जब महबूब सिर्फ तन में नहीं, बल्कि साँसों में बस जाए। यह एक इकरार-ए-वफ़ा है!
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