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वे दिन अब सालते हैं रातों को बरसों गुज़रे
जिन दिनों देर रहा करते थे हम यार के साथ

The days that now seem to linger through countless nights, Are those days when we spent time with our beloved.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

वे दिन अब ऐसा लगता है जैसे रातें बहुत देर तक गुजरी हों, वे दिन जब हम अपने दोस्त के साथ समय बिताया करते थे।

विस्तार

यह शेर यादों के उस मीठे दर्द को बयां करता है, जब समय काटना एक कला थी। शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि वो दिन अब बहुत लम्बे लगते हैं... वो दिन जब दोस्तों के साथ रातें गुजारने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे। यह एहसास हमें बताता है कि वक़्त कैसे गुज़रता है, और कैसे गुज़रे हुए पल भी हमें आज भी इतना महसूस होते हैं।

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