किसू कम-ज़र्फ़ ने लगाई आह
तुझ से मय-ख़ाने के जलाने की
“A meager-spirited one cried out in despair, To burn the tavern of your love's affair.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
किसी कम-ज़र्फ़ ने आह लगाई, तुझे मय-ख़ाने के जलाने की।
विस्तार
यह शेर दिखाता है कि दर्द कितना हल्का, फिर भी कितना गहरा हो सकता है। 'मय-खाना' महज़ एक जगह नहीं, बल्कि इश्क़ की मस्ती, खुशी और तन्हाई का प्रतीक है। शायर कहते हैं कि बस एक कमज़ोर सी आह... और ये आह मय-ख़ाने को जलाने की बात कह जाती है। इसका मतलब है कि किसी चीज़ का खो जाना, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न लगे, दिल को कितना भारी कर देता है।
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