वो जो फिरता है मुझ से दूर ही दूर
है ये तक़रीब जी के जाने की
“The one who wanders further and further from me, Is the very act of knowing how to be close.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वह जो मुझसे लगातार दूर होता जाता है, वही करीब होने का एहसास है।
विस्तार
यह शेर दूरी और नज़दीकी के उस दर्द भरे विरोधाभास को दिखाता है। शायर पूछते हैं कि जो इंसान हमसे दूर जा रहा है, क्या यह दूर जाना ही एक अजीब सी नज़दीकी नहीं है? यह वो एहसास है जब बिछड़ने का डर इतना गहरा होता है कि दूर रहना भी एक दर्दनाक मौजूदगी बन जाता है। दिल की उलझन को बड़ी खूबसूरती से बयां किया है।
