“A plan was there for the sake of the people, but since We had known for a long time the profit of the medicine.”
तस्कीं के लिए लोगों की कोई तैयारी थी, पर हमें दवा के फ़ायदे का तो बहुत समय पहले से ही पता था।
यह शेर भावनात्मक धोखे और निर्भरता के दर्द भरे सच को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि लोगों की कोई न कोई 'तदबीर' थी, जो हमें पूरी तरह से स्वस्थ होने से रोकती थी। अगर यह सब न होता, तो शायर को बहुत पहले ही जीवन का असली 'नफ़ा' (फायदा) मालूम हो जाता। यह उस वक़्त की बात है जब इंसान अपनी सच्चाई से दूर रखा जाता है।
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