मैं वो रोने वाला जहाँ से चला हूँ
जिसे अब्र हर साल रोता रहेगा
“I am the place of tears from which I departed, Where the cloud will weep every year.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैं वह जगह हूँ जहाँ से आँसुओं का बहाव शुरू हुआ, जिसे बादल हर साल रोते रहेंगे।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ एक जगह का ज़िक्र नहीं करता, बल्कि एक भावना का बयान है। मिर्ज़ा तय्यम मीर कहते हैं कि मैं उस जगह से आया हूँ, जहाँ हर साल बादल रोते हैं। यह रोना सिर्फ़ बारिश नहीं है, बल्कि एक स्थायी उदासी है, एक गहरा गम जो हर साल लौट आता है। शायर अपनी जड़ों को उस माहौल से जोड़ते हैं, जहाँ दुख और यादों का साया हमेशा मंडराता रहता है।
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