गर ज़िंदगी यही है जो करते हैं हम असीर
तो वे ही जी गए जो गिरफ़्तार मर गए
“If this is the life that we live, captive to our actions, Then those who died in captivity truly lived.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर ज़िंदगी यही है कि हम अपनी हर चीज़ के क़ैदी हैं, तो वे लोग ही सच में जिए जो क़ैद होकर मरे।
विस्तार
ये शेर सिर्फ़ ज़िंदगी के बारे में नहीं है, ये वजूद की परिभाषा है। शायर कहते हैं कि अगर हम ज़िंदगी को बस एक क़ैदखाने की तरह जी रहे हैं, तो वो ज़िंदगी नहीं है। असली ज़िंदगी वो है... जब आप पूरी शिद्दत से किसी चीज़ के असीर हो जाएं, या किसी जुनून के गिरफ़्तार हो जाएं। तभी तो मरना भी एक जीना बन जाता है!
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