Sukhan AI
ख़ाक तक कूचा-ए-दिलदार की छानी हम ने
जुस्तुजू की पे दिल-ए-गुम-शुदा पाया न गया

We sifted the alley of the beloved's heart until the dust, but the lost heart was not found.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

हमने महबूब के दिल की गली को धूल-धूल छान मारा, लेकिन खोया हुआ दिल हमें नहीं मिला।

विस्तार

यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने जीवन के सबसे गहरे दर्द को बयां किया है। शायर कह रहे हैं कि मैंने महबूब के हर रास्ते, हर गली को छान मारा.... लेकिन फिर भी, वह अपना खोया हुआ दिल नहीं मिल पाया। यह बात बताती है कि कभी-कभी, जो चीज़ हम बाहर खोजते हैं, वह हमें मिल नहीं पाती। शायद वो दिल कहीं और नहीं, बल्कि हमारी अपनी तन्हाई में छिपा है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app