न कर अपने महवों का हरगिज़ सुराग़ — मीर तक़ी मीर

न कर अपने महवों का हरगिज़ सुराग़ गए गुज़रे बस अब ख़बर कुछ नहीं

“Do not ever seek the traces of your loves, For now, you have lost all knowledge of where they went.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

अपने महबूबों के निशान कभी मत ढूँढना, क्योंकि अब तुम्हें यह नहीं पता कि वे कहाँ गए।

विस्तार

यह शेर बहुत गहरा है, दोस्तों। मिर्ज़ा तय़मिर हमें सिखा रहे हैं कि जब कोई चला जाए, तो उसके पीछे पड़कर उसका कोई सुराग़ नहीं ढूँढ़ना चाहिए। यह बस एक कड़वा सच है... कि कुछ रिश्ते और कुछ यादें बस गुज़र जाती हैं। इस दर्द को स्वीकार करना ही सबसे बड़ी मोहब्बत है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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