जुदा रहते बरसों हुए क्यूँकि ये
किनाया नहीं बे-अदाई नहीं
“For years that we have been apart, because this shore is not shameless.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
बरसों से अलग रहना इसलिए पड़ा क्योंकि यह किनारा बे-अदा नहीं है।
विस्तार
यह शेर उस दर्द को बयां करता है जब जुदाई इतनी गहरी हो जाती है कि वह सिर्फ़ एक एहसास नहीं रहती। शायर कह रहे हैं कि बरसों का बिछड़ना कोई छोटी-मोटी बात नहीं थी... यह कोई मन का किनाया नहीं था, न ही यह किसी बे-अदायी पल का नतीजा था। यह एक गहरा सच है, एक ऐसा दर्द जो वक़्त के साथ और भी गहरा होता जाता है।
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