वो अपनी ही ख़ूबी पे रहता है नाज़ाँ मरो या जियो कोई उस की बला से

“He lives on his own unique beauty, heedless of all; / Whether he dies or lives, it is not our concern.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

वह अपनी ही ख़ूबियों पर रहता है, नाज़ान; चाहे वह मरे या जीए, यह किसी और की चिंता नहीं है।

विस्तार

यह शेर आत्म-सम्मान की बात करता है। शायर कहते हैं कि वह शख़्स अपनी ही ख़ूबियों में इतना मग्न है कि उसे दुनिया की परवाह नहीं। और शायर इस बात का ऐलान करते हैं कि इस शख़्स का जीना या मरना.... उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता! यह एक गहरा इक़रार है कि हमारा वजूद किसी और के हाथ में नहीं है।

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