ख़त ने निकल के नक़्श दिलों के उठा दिए
सूरत बुतों की अच्छी जो थी सब बिगड़ गई
“The letter, having left, lifted the designs of hearts; / The beauty of the idols' faces, all was ruined.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
ख़त के निकल जाने से दिलों के नक़्शे उजड़ गए; जो मूर्तियाँ कभी अच्छी थीं, सब बिगड़ गईं।
विस्तार
मीर तक़ी मीर साहब यहाँ एक बहुत ही गहरा और दर्दभरा मंज़र पेश करते हैं। उनका कहना है कि महज़ एक ख़त के निकल जाने से.... दिलों पर बने नक़्श (निशान) ही उखड़ गए। जो सूरत (रूप) कभी बुतोन (मूर्ति) की अच्छी थी, वह सब बिगड़ गई! यह बताता है कि दिल की गहराई तक की बात.... कैसे हमारी बनाई हुई हर चीज़ को चकनाचूर कर सकती है।
