जब से बाज़ार में है तुझ सी मता'
भीड़ ही रहती है दुकानों पर
“Since you are in the market, there is a crowd at the shops.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब से बाज़ार में है तुझ सी मता', दुकानों पर हमेशा भीड़ ही रहती है।
विस्तार
इस शेर में मिर्ज़ा तक़ी मीर ने बाज़ार का इस्तेमाल एक बहुत ही खूबसूरत रूपक (metaphor) के तौर पर किया है। शायर कहते हैं कि जब से आप ज़िंदगी में आए हैं, हर चीज़, हर दुकान, हर कोना गुलज़ार हो गया है। यह न सिर्फ़ खूबसूरती की बात है, बल्कि उस असर की बात है जो महबूब अपनी मौजूदगी से डाल देता है—एक ऐसा आकर्षण जो हर किसी को अपनी ओर खींचता है।
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