आग सी इक दिल में सुलगे है कभू भड़की तो 'मीर'
देगी मेरी हड्डियों का ढेर जूँ ईंधन जला
“In my heart, a fire has ignited, though it has never flared; if it flares, 'Mir', it will burn a pile of my bones as fuel.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे दिल में एक आग जल उठी है, जो कभी भड़की नहीं है; अगर यह भड़केगी, तो 'मीर' मेरी हड्डियों का ढेर ईंधन के रूप में देगी।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत के उस जुनून को बयां करता है, जहाँ वफ़ादारी और इश्क़ की कोई हद नहीं होती। शायर कहते हैं कि दिल में एक ऐसी आग जलती है, जो कभी बुझती नहीं। और अगर कभी यह आग भड़क उठे... तो वह अपनी जान भी न्योछावर करने को तैयार है। यह सिर्फ़ इश्क़ नहीं, यह एक तरह का आत्म-समर्पण है!
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