इस हदीक़े के ऐश पर मत जा
मय नहीं है अयाग़ में गुल के
“Do not be intoxicated by the pleasures of this garden, For the bloom of the flower is not in the valley.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस बाग़ के नशीले आनंद पर मत बहक, क्योंकि फूल की ख़ुशबू घाटी में नहीं है।
विस्तार
यह शेर जीवन की नश्वर सुंदरता पर एक गहरी चेतावनी है। शायर कहते हैं कि इस दुनिया के ऐशो-आराम के मोह में मत पड़ना। गुलाबों की खुशबू तो महकती है, लेकिन उस खुशबू में वो नशा, वो मस्ती नहीं है जो असलियत में होती है। यह हमें सिखाता है कि बाहरी चमक-दमक से ज़्यादा, अंदर की सच्चाई और गहरा एहसास मायने रखता है।
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