लड़ती है उस की चश्म-ए-शोख़ जहाँ
एक आशोब वाँ से उठता है
“Her coquettish eyes, where the world is her stage, / A little quarrel rises from there.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उसकी चुलबुली आँखों से, जहाँ दुनिया उसका मंच है, एक छोटा सा झगड़ा उठता है।
विस्तार
यह शेर उस नशीले और खतरनाक असर को बयां करता है जो एक औरत की आँखों में होता है। शायर कहते हैं कि उसकी चश्म-ए-शोख़ (आकर्षक आँखें) इतनी कमाल की हैं कि ये पूरी दुनिया में हलचल मचा देती हैं। बस एक हल्की सी साँस या आह (waan) काफी है... और एक गहरा तूफ़ान (अशोब) खड़ा हो जाता है। क्या कमाल का नज़ारा है!
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