“Whichever hand held her, that waist, always Is bound by the act of striking the head, like a belt.”
जिस हाथ में वह रही, उस की कमर हमेशा/उस हाथ मारने का सर पर बँधा है कर सा। अर्थात्, जिस भी व्यक्ति के आगोश में वह स्त्री रही, उसकी कमर हमेशा उस हाथ के मारने जैसा भय या बंधन महसूस करती है।
यह शेर इश्क़ के उस दर्द भरे सच को बयान करता है, जहाँ नज़दीकी ही सबसे बड़ी सज़ा बन जाती है। शायर कह रहे हैं कि जिस हाथ को आप थामते हैं, उसी हाथ के वार से आपकी कमर बंध जाती है। यानी, प्यार का साथ होना भी एक तरह की मजबूरी और दर्द का कारण बन जाता है। बहुत गहरा तसव्वुर है यह!
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