है ख़सम-जान-ए-आशिक़ वो महव-ए-नाज़ लेकिन हर लम्हा बे-अदाई ये भी तो इक अदा है

“My beloved's intoxication, the magic of her charm, is indeed so, But every moment of her boldness is also a unique grace.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

आशिक़ के जान से ये महव-ए-नाज़ तो है, पर हर पल की बे-अदाई भी एक अदा है।

विस्तार

देखिए, यह शेर आशिक की नज़र से महबूब की खूबसूरती को समझाता है। शायर कहते हैं कि महबूब का नज़ाकत भरा जादू तो बहुत है.... लेकिन जो बात हमें सबसे ज़्यादा छूती है, वो है उसकी बेफ़िक्री। शायर कहते हैं कि यह बेफ़िक्री भी एक अदा है! मतलब, हर बात में एक ख़ूबसूरती, एक नज़ाकत है जो जानबूझकर दिखाई जाती है।

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