अब तो जाते हैं बुत-कदे से 'मीर'
फिर मिलेंगे अगर ख़ुदा लाया
“Now we depart from this world of idols, 'Mir', If God wills, we shall meet again.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अब तो हम इन मूर्ति-कड्ढों से जा रहे हैं, मीर। अगर खुदा चाहेगा, तो फिर मिलेंगे।
विस्तार
यह शेर न सिर्फ एक विदाई है, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा का ऐलान है। 'बुत-कदे' से मतलब है दुनिया की हर वो चीज़, हर वो मोह-माया, जो हमें अल्लाह से दूर रखती है। शायर कह रहे हैं कि अब वो इन झूठे इबादतगाहों से जा रहे हैं... वो दुनियावी बंधनों को छोड़ रहे हैं। और दूसरी लाइन में एक गहरा विश्वास है—मिलेंगे तो बस अगर खुदा ने बुलाया, तभी। यह पूरी तरह से रज़ा और तवाज़ज़ु का एहसास है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev7 / 7
