बराबर ख़ाक के तो कर दिखाया
फ़लक बस बे-अदाई हो चुकी बस
“To do what was once impossible, it has become a matter of dust and ash; the sky itself has lost its modesty.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मतलब है कि कुछ असंभव कार्य करना अब बहुत आसान हो गया है, और यह बात देखकर आकाश भी बेबाक हो गया है।
विस्तार
देखिए, यह शेर एक बहुत ही गहरे और नाटकीय अहसास को बयान करता है। शायर कहते हैं कि जो काम मैंने किया, वह तो बस धूल के बराबर था... मतलब, बहुत साधारण था। लेकिन इसका नतीजा क्या हुआ? कि आसमान खुद बे-अदा हो गया! यह किस बात का इशारा है? कि कोई बात इतनी बड़ी और इतनी ज़बरदस्त होती है कि वह सिर्फ़ ज़मीन पर नहीं, बल्कि आसमान की मर्यादा को भी तोड़ देती है! क्या बात है!
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