न आया वो मिरे जाते जहाँ से
यहीं तक आश्नाई हो चुकी बस
“He did not come to the place where I had left, My expectation has only reached this far.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वो मेरे जाने के उस जगह पर नहीं आया, बस मेरी उम्मीद यहीं तक पहुँच गई है।
विस्तार
यह शेर उस अहसास को बयां करता है कि जो रिश्ता हमें चाहिए, वो कहीं और से नहीं आता। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि वो शख्स मेरे जाते हुए रास्ते से नहीं आया.... बल्कि जो नज़दीकी, जो अपनापन था, वो तो बस यहीं तक ही हो चुका था। यह एक खूबसूरत एहसास है कि कभी-कभी तलाश बाहर नहीं, बल्कि हमारे आस-पास ही पूरी होती है।
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