गले में गेरवी कफ़नी है अब 'मीर' — मीर तक़ी मीर
“Around your neck, a saffron shroud now lies, O Meer, Your very title, 'Meerza,' is all that remains.”
अर्थ
गले में गेरवी कफ़नी है अब 'मीर', तुम्हारी मीरज़ाई हो चुकी बस। इसका शाब्दिक अर्थ है कि अब 'मीर' के गले में गेरवी रंग की कफ़न है, और बस उसकी 'मीरज़ा' वाली पहचान ही बची है।
विस्तार
यह शेर.... एक रूहानी एहसास को बयान करता है। शायर कहते हैं कि जीवन का अंत निश्चित है, कफ़न गले में है। लेकिन जब शरीर की साँसें थम जाती हैं, तब भी एक चीज़ बाकी रहती है। वो है महबूब की याद.... वो मीरज़ाई। यह शेर सिखाता है कि इश्क़ की यादें ही हमारी असली ज़िन्दगी हैं। यह हार नहीं, बल्कि एक गहरे सुकून में पहुँचना है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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