एजाज़-ए-ईसवी से नहीं बहस इश्क़ में
तेरी ही बात जान मुजस्सम बहुत है याँ
“In love, there is no argument with the glory of the Christian era; In you, my heart, there is a form of knowing.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इश्क में ईसा मसीह के जीवन देने वाले चमत्कार की चर्चा की ज़रूरत नहीं है। यहाँ तुम्हारी बातें ही किसी बेजान शरीर में जान फूंकने के लिए काफी हैं।
विस्तार
यह शेर बताता है कि इश्क़ की दुनिया में किसी भी धर्म या चमत्कार का कोई मोल नहीं। शायर कहते हैं कि ईसा मसीह के अजूबों से बहस करने का सवाल ही नहीं है.... क्योंकि मेरे लिए तो बस महबूब की एक बात काफी है। वो बात ही मेरी पूरी कायनात को बयां करती है। यह इश्क़ की सर्वोच्चता का बयान है!
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
